लखनऊ। हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद लेवाना सुइट्स अग्निकांड के जिम्मेदारों पर कार्रवाई के नाम पर खेल हो रहा है। हफ्ते भर पहले जांच के बाद बहाल हुए दो अभियंताओं को उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने दोबारा निलंबित कर दिया है। चेयरमैन ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम प्रबंधन पर सही तरीके से जांच नहीं करने की बात कही है। हालांकि, बहाली के बाद निलंबन को हाईकोर्ट के हाई पावर कमेटी गठित करने को माना जा रहा है। इस कमेटी की जांच के दौरान बिजली अभियंताओं की बहाली से आला अफसरों की किरकिरी हो सकती थी।
मध्यांचल निगम की जांच कमेटी की रिपोर्ट पर 23 अक्तूबर को उपखंड अधिकारी (वर्तमान में अधिशासी अभियंता) राजेश कुमार मिश्रा एवं अवर अभियंता (वर्तमान में एसडीओ) आशीष कुमार मिश्रा को निगम के एमडी भवानी सिंह खंगारौत ने बहाल कर दिया था। जबकि इन दोनों के खिलाफ अब भी जांच जारी है। इसी बीच लेवाना सुइट्स के पूरे मामले में कार्रवाई को लेकर अदालत ने सख्त नाराजगी जताते हुए हाई पावर कमेटी गठित कर दी। इसके बाद 4 नवंबर को दिन में पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने जांच कमेटी की रिपोर्ट तलब की। वहीं, रात करीब 10.30 बजे राजेश कुमार मिश्रा व आशीष मिश्रा के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। चेयरमैन ने आदेश में कहा है कि मध्यांचल निगम स्तर पर उन बिंदुओं की जांच नहीं कराई गई, जो बहुत जरूरी थे। ऐसे में जांच अधिकारी भी विवादों में आ गए हैं। अब इस मामले की पावर कॉर्पोरेशन जांच समिति से जांच कराई जाएगी। निलंबित अभियंता पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन) से संबद्ध रहेंगे। चेयरमैन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वो कौन से बिंदु थे जिनकी जांच नहीं कराई गई। गौरतलब है कि अग्निकांड में 19 इंजीनियरों व अफसरोें को निलंबित किया गया था, जिसमें महज बिजली विभाग के इंजीनियर ही बहाल हुए थे।
निलंबित एलडीए इंजीनियरों की चार्जशीट तैयार
अग्निकांड में एलडीए के जो भी इंजीनियर निलंबित हए थे, उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार हो गई है। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के मुताबिक इनमें सहायक अभियंता राकेश मोहन, अवर अभियंता जितेंद्र नाथ दुबे, रवींद्रनाथ श्रीवास्तव, जयवीर सिंह शामिल हैं। इनके अलावा सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता अरुण कुमार सिंह एवं ओपी मिश्रा की भी चार्जशीट तैयार हुई है।