लखनऊ। राजस्व परिषद के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद डोबरियाल से सोमवार को पूछताछ नहीं हो सकी। वहीं, पुलिस अब डोबरियाल को सीधे उन पर आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के सामने बैठाने की तैयारी कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि डोबरियाल के इशारे पर ही कई संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई है। तीन दिन पहले हुए पूछताछ में उसने खुद को बेकसूर बताया था। वहीं, पुलिस ने अब उससे जुड़े कई अहम दस्तावेज खंगालना शुरू कर दिया है।
विवेकानंद डोबरियाल को सुप्रीम कोर्ट से स्थगनादेश मिल गया था। इस पर वह शनिवार को कैसरबाग थाने पहुंच गया था। उससे पांच घंटे तक पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की थी। डीसीपी प्राची सिंह ने उससे कई सवाल किया, लेकिन डोबरियाल ने जवाब नहीं दिया। पुलिस ने सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन मुहर्रम में ड्यूटी होने से दो दिन बाद बुलाया गया है। इस दौरान उसका सामना परिषद के कुछ कर्मचारियों से भी कराया जाएगा। यह वही कर्मचारी है जिन्होंने बयान दिया था कि डोबरियाल रिटायर होने के बाद भी कार्यालय आता था। यही बैठ कर वह तय करता था कि किस संपत्ति की रजिस्ट्री कब और किसके नाम से होनी है। यहीं पर कई प्रशासनिक अधिकारी भी मिलने आते थे।