लखनऊ। धनतेरस पर बाजारों में खूब धन बरसा। शहरवासी 2900 करोड़ से अधिक की खुशियां अपने घर ले गए, तो बाजार ने धनतेरस पर ही दिवाली मना ली। मार्केट ट्रेंड के हिसाब से सबसे ज्यादा-1200 करोड़ रुपये का कारोबार सराफा बाजार में होने का अनुमान है। ऑटोमोबाइल सेक्टर ने भी खूब ग्राहक खींचे। इस सेक्टर में 460 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। सुस्त चल रहे रियल एस्टेट सेक्टर को लगभग 715 करोड़ का बूस्टर डोज मिला। गैजेट्स पर युवा फिदा नजर आए। शहरवासी लगभग 135 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल आइटम्स घर खरीद कर ले गए।
सराफा बाजारः सोना-चांदी पर लखनवी रहे फिदा
भूतनाथ, गोमतीनगर, महानगर, आलमबाग, चौक, इंदिरानगर, तेलीबाग, राजाजीपुरम समेत शहर के अन्य बाजारों में देर रात तक खरीदारी जारी रही। लखनऊ चौक सराफा एसोसिएशन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस खास मौके पर सराफा कारोबार 50 करोड़ रुपये का रहा। हालांकि, जिस तरह से मार्केट ट्रेंड रहा है और बुलियन कारोबार हुआ है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बाजार में 1200 करोड़ रुपये आए हैं। पिछली धनतेरस पर जानकारों का यह अनुमान 1000 करोड़ से ज्यादा का था। सराफा कारोबारी राघव रस्तोगी, रामकुमार वर्मा बताते हैं कि बाजार उम्मीद के मुताबिक है। ग्राहक खरीदारी में हिचक नहीं रहे हैं। इससे भी इस अनुमान को बल मिलता है।
शहरवासी घर ले आए खुशियां तो बाजार ने मनाई दिवाली
1200 करोड़ का सोने-चांदी के गहने खरीदे लखनवियों ने
715 करोड़ की बूस्टर डोज मिली रियल एस्टेट सेक्टर को
460 करोड़ आए ऑटोमोबाइल सेक्टर में
ऑटोमोबाइल सेक्टर : 2500 कारों की बुकिंग हुई, 15000 दोपहिया बिके
ऑटोमोबाइल सेक्टर ने भी धनतेरस के खास मौके को खूब कैश किया। लखनवी युवाओं को एसयूवी मॉडल खूब पसंद आए। डीलरों के मुताबिक धनतेरस पर 2500 कारों की डिलीवरी-बुकिंग हुई है। वहीं दो पहिया वाहनों की संख्या 15000 के आसपास बताई जा रही है। ऑटोमोबाइल सेक्टर का कारोबार 460 करोड़ रहने के आसार जताए जा रहे हैं। ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक 14 अलग-अलग मॉडलों की 400 से ज्यादा वाहन पंजीकृत हुए। इसमें 94 लाख की जगुआर व 50 लाख रुपये के आसपास कीमत की चार लग्जरी कारें शामिल रहीं।
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रियल एस्टेट सेक्टर की टूटी सुस्ती
15 करोड़ से ज्यादा का राजस्व आया रजिस्ट्री शुल्क से, पर...पिछले साल से 7 करोड़ कम
रियल एस्टेट सेक्टर की सुस्ती भी धनतेरस पर टूटी। निजी हाउसिंग कंपनियों का अनुमान है कि प्रॉपर्टी की बुकिंग व बिक्री 715 करोड़ रुपये के करीब हुई। हालांकि, इसमें सबसे बड़ा हिस्सा बुकिंग कराने वालों का ही रहा। तहसीलों में रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ रही। 15 करोड़ से ज्यादा का राजस्व सरकारी खाते में रजिस्ट्री से आया। स्टांप शुल्क महिलाओं के लिए 6 फीसदी तो पुरुषों के लिए 7 फीसदी लगता है। सात फीसदी के हिसाब से प्रोजेक्शन देखें तो 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी लोगों ने खरीदी। सबसे ज्यादा रजिस्ट्रियां सदर तहसील में हुईं। यहां 441 लोगों ने निबंधन के लिए स्टांप खरीदे। वहीं, सरोजनीनगर तहसील में 299, मोहनलालगंज में 183, बीकेटी में 171 और मलिहाबाद में 10 रजिस्ट्री हुई। पिछले साल धनतेरस पर 22 करोड़ का राजस्व सरकार को मिला था। इस साल धनतेरस पर प्रॉपर्टी के कारोबार में कमी आने के पीछे एक बड़ी वजह नवरात्र में हुई खरीदारी को भी माना जा रहा है।
रसोई में पहुंचे 20 करोड़ के बर्तन
बीते वर्ष 15 करोड़ रुपये बर्तन खरीदे गए थे। लखनऊ मेटल मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिश्चंद्र अग्रवाल का कहना है कि इस बार 20 करोड़ के आसपास के बर्तन शहरवासियों ने खरीदे। डिजाइनर व पीतल के बर्तनों की अच्छी डिमांड रही।
60 करोड़ की पूजन सामग्री खरीदी शहर ने
कारोबारियों का अनुमान है कि शहरवासियों ने 60 करोड़ रुपये तो पूजन आदि की सामग्री पर खर्च किए होंगे।हालांकि दीपक-बाती, फूल-माला, खील-बताशे, चिवड़ा, खिलौने-गणेश-लक्ष्मी समेत पूजन के समस्त सामानों की बिक्री तो करवा चौथ के साथ ही शुरू हो गई थी।
40 करोड़ के मोबाइल-लैपटॉप खरीद डाले युवाओं ने
वाॅशिंग मशीन, माइक्रोवेव, एलईडी, रेफ्रिजरेटर पर जबरदस्त ऑफरों को लखनवियों ने खूब भुनाया। धनतेरस पर 135 करोड़ के आसपास इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्टि्रकल आइटम्स की बिक्री का अनुमान है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कारोबार पर संतोष जताते हुए कहा कि 25 करोड़ का मोबाइल फोन और 15 करोड़ के लैपटॉप की बिक्री एक दिन में हुई।
कूल-कूल फैशन के दीवानों ने 30 करोड़ के कपड़े खरीद डाले
दीपावली पर कपड़ों का बाजार करीब 30 करोड़ का रहा। जबकि पटाखा कारोबारियों का कहना है कि दो करोड़ रुपये के पटाखे बिके। सूत्र बताते हैं कि ये बिक्री छिपाई जा रही है। शहर में 50 करोड़ के ज्यादा के पटाखे स्टॉक कर रखे गए हैं।
मिठाइयों के साथ पैकेजिंग का कारोबार भी बढ़ा
मिठाई कारोबार से जुड़े मधुरिमा के स्रजल गुप्ता बताते हैं कि मिठाइयों के साथ ही चॉकलेट, बेकरी प्रोडक्ट, मेवे भी खूब डिमांड में हैं। इससे पैकेजिंग इंडस्ट्री को भी अच्छा खासा फायदा हो रहा है। धनतेरस पर मिठाइयों, गिफ्ट हैंपर, मेवों का 400 से करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।