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Lucknow News: जीवा हत्याकांड की साजिश में माफिया सुशील मूंछ भी था शामिल

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लखनऊ। गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा हत्याकांड की साजिश में पश्चिम का कुख्यात बदमाश सुशील मूंछ भी शामिल रहा। इससे संबंधित पुख्ता साक्ष्य विवेचना के दौरान मिले हैं। बदन सिंह बद्दो और असलम के बाद सुशील मूंछ का नाम शामिल किया गया है। ये खुलासा कोर्ट में शूटर विजय यादव के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट से हुआ है।



सात जून को कोर्ट के भीतर पेशी पर आए जीवा को गोलियों से भून दिया गया था। पुलिस ने शूटर विजय यादव उर्फ आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बीते शनिवार को पुलिस ने विजय यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने एक प्रेसनोट भी जारी किया था, जिसमें बताया था कि असलम, बद्दो के अज्ञात गुर्गे को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में सुशील मूंछ की भूमिका संदिग्ध बताकर उसके खिलाफ विवेचना जारी होने की बात कही गई है, जिसमें हवाला उस पत्र को दिया गया है जो जीवा के वकील ने कोर्ट में दिया था। उसमें बदन सिंह बद्दो के साथ सुशील मूंछ व उसके बेटे से जान का खतरा बताया गया था।
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होटल में नौकरी नहीं, नेपाल घूमने गया था विजय



विजय यादव ने पहले बयान में बताया था कि वह अप्रैल 2023 में काठमांडू पहुंचा था। भंडारी होटल में छह हजार रुपये प्रति महीने की पगार पर काम करता था। पुलिस ने जब जांच की और बाद में जब विजय के बयान हुए तो उसने बताया कि पुराने बयान झूठे थे। वह अप्रैल में काठमांडू घूमने गया था। इसी दौरान उस असलम से मुलाकात हुई थी। दोस्ती हुई तो उसने जीवा के हत्या की सुपारी दी और बद्दो से मिलवाया। एक बार बद्दो से मिलने के बाद असलम लगातार संपर्क में रहा।

एक पैसा भी नहीं दिया

जब विजय यादव पकड़ा गया था तब उसने कहा था कि 20 लाख में सुपारी दी गई थी। पांच हजार रुपये एडवांस दिए। बाद में जब उसने साजिश की असल कहानी बताई तो उसने कहा कि सुपारी पचास लाख रुपये की थी। लेकिन, एडवांस में एक भी पैसा नहीं दिया गया था। कहा गया था कि जीवा को मारने के बाद जब वह जेल जाएगा तो जमानत करवा लेंगे। जेल में भी दिक्कत नहीं होने देंगे। ये तथ्य चार्जशीट में शामिल हैं।



भंडारी होटल में हुई थी मुलाकात

शूटर विजय की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था कि विजय की सुपारी देने वाले शख्स से काठमांडू के एक होटल में मुलाकात हुई थी, लेकिन होटल का नाम पहेली बना हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, विजय काठमांडू के भंडारी होटल में असलम नाम के शख्स से मिला था। विजय की उससे दोस्ती हो गई थी। उसी शख्स ने इसी होटल में विजय की मुलाकात बदन सिंह बद्दो से कराई थी।

नेपाल बॉर्डर पार कराया, एसी बस से पहुंचा था लखनऊ

असलम ने विजय को बॉर्डर पार करवाया था। विजय रूपईडीहा से एसी बस पकड़कर लखनऊ आया, यहां बद्दो का सहयोगी मिला। जिसने वकील की पोशाक और रिवाॅल्वर मुहैया कराई थी।
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87 लोग गवाह बनाए गए

पुलिस ने केस में 87 लोगों को गवाह बनाया है। इसमें चश्मदीद पुलिसकर्मी, घायल पुलिसकर्मी व घायल बच्ची के माता-पिता के अलावा अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने 2000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
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