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Lucknow News: सुविधाओं का टोटा, फिर भी लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मेंटेनेंस शुल्क थोपा

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नरेश शर्मा

लखनऊ। एलडीए अब अपने अपार्टमेंटों में औसतन दो हजार रुपये प्रति परिवार मेंटेनेंस शुल्क वसूलेगा। इसका असर पांच हजार परिवारों पर पड़ेगा। वहीं, फ्लैटों के बगैर काम पूरा हुए ही दो हजार रुपये मेंटेनेंस शुल्क थोपने पर एलडीए और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन में ठन गई है। आरडब्ल्यू का कहना है कि बिना प्रोजेक्ट पूरा हुए नियमानुसार मेंटेनेंस शुल्क नहीं वसूला जा सकता।

कुर्सी रोड के जनेश्वर, सरगम, सृष्टि व स्मृति, गोमतीनगर के पारिजात, कानपुर रोड के सनराइज और सीतापुर रोड स्थित सोपान- ये नाम हैं उन अपार्टमेंट के जिनमें एलडीए तय सुविधाएं भी मुहैया करा पाने में नाकाम रहा है। मेंटेनेंस को लेकर अक्सर आवंटी सवाल उठाते रहते हैं, पर समाधान नहीं मिलता। इसको लेकर पहले से आरडब्लूए के पदाधिकारियों और एलडीए में मनमुटाव जैसे हालात रहे हैं। अब मेंटेनेंस शुल्क को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
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आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों के मुताबिक उनकी समस्याओं की सुध नहीं लेने वाले एलडीए ने बोर्ड के फैसले के जरिये फ्लैट के सुपर एरिया पर 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रतिमाह मेंटेनेंस शुल्क वसूलने का रास्ता बना लिया। इससे किसी आवंटी पर 1500 तो किसी को 3750 रुपये भरना पड़ेगा। औसतन एक आवंटी पर 2000 रुपये प्रति माह का बोझ इस फैसले से बढ़ने वाला है।


लखनऊ जनकल्याण महासमिति के उपाध्यक्ष विवेक शर्मा ने मेंटेनेंस शुल्क पर सवाल उठाते हुए पीएम एवं सीएम को ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि एलडीए के अफसरों ने ठेकेदारों का भुगतान कराने के लिए अधूरे प्रोजेक्ट का अस्थायी पूर्णता प्रमाणपत्र जारी कर दिया। एलडीए के किसी भी अपार्टमेंट की फायर एनओसी तक नहीं है। समस्याओं पर अफसर सुनवाई नहीं कर रहे हैं, फिर भी मेंटेनेंस शुल्क वसूलने की तैयारी है।



एलडीए के फैसले से प्रभावित होंगे ये अपार्टमेंट



अपार्टमेंट परिवार

जनेश्वर 800



सरगम 720

सृष्टि 520



स्मृति 412

पारिजात 350



सोपान 150

किस सुपर एरिया के फ्लैट पर कितना बोझ



100 वर्ग मीटर 1500 रुपये

150 वर्ग मीटर 2250 रुपये

250 वर्ग मीटर 3750 रुपये

जानिए क्या है सुपर एरिया



आवागमन का रास्ता, सीढ़ी व अन्य सुविधाओं में जो एरिया इस्तेमाल होता है उसको फ्लैट के क्षेत्रफल में जोड़कर सुपर एरिया तय होता है। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक आवंटी के फ्लैट का साइज 100 वर्ग मीटर का है, तो उसका सुपर एरिया लगभग 125 वर्ग मीटर होगा।

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आमने-सामने

सुविधाएं सबको चाहिए, शुल्क देने को तैयार नहीं



अपर सचिव एलडीए ज्ञानेंद्र वर्मा कहते हैँ, फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को सभी तरह की सुविधाएं चाहिए। सुविधाओं की मांग को लेकर आए दिन आरडब्ल्यूए झंडा बुलंद किए रहते हैं। मगर, सुविधाओं पर खर्च होने वाले पैसे को देने को कोई तैयार नहीं है। बोर्ड बैठक में मेंटेनेंस शुल्क लगाने का लिया गया फैसला वाजिब है। फ्लैट को दुरुस्त रखने के लिए मेंटेनेंस की जरूरत होती है।
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जब पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं, तो किस बात का मेंटेनेंस शुल्क

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे कहते हैं, आवंटियों से तीन साल का मेंटेनेंस शुल्क पहले ही वसूल चुका है। नियमानुसार पूर्णता प्रमाणपत्र जारी होने के तीन साल तक एलडीए कोई मेंटेनेंस शुल्क नहीं ले सकता है। नियम कहता है कि कंप्लीशन सर्टिफिकेट के बाद एलडीए आरडब्ल्यू का विधिवत गठन कराती। एलडीए ने प्रोजेक्ट पूरा किए बिना ही आवंटियों को फ्लैट की रजिस्ट्री करनी शुरू कर दी। एलडीए आवंटियों से दोबारा मेंटेनेंस शुल्क वसूलने जा रहा है।




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