मौलाना मोहम्मद अली जौहर शोध संस्थान, रामपुर को आजम खां के निजी जौहर ट्रस्ट को लीज पर देने के प्रकरण में शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक आरपी सिंह को निलंबित कर दिया है। इस प्रकरण की जांच विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) कर रहा था, जिसकी संस्तुति पर यह कार्रवाई की गई।
दरअसल, सपा सरकार के कद्दावर मंत्री आजम खां ने अपने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का सरकारी शोध संस्थान अपने निजी ट्रस्ट में लीज पर ले लिया था। आरोप है कि इसके लिए कई बार नियमों को भी बदला गया। यहां तक कि शोध संस्थान के उद्देश्यों को भी सपा सरकार ने बदल दिया था। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बने इस शोध संस्थान को आजम खां ने एक हजार रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से 99 साल की लीज पर ले लिया था।
भाजपा सरकार में सीएम ने इस मामले की एसआइटी जांच की संस्तुति की। साथ ही इस लीज को भी समाप्त किया गया। इस प्रकरण में संयुक्त निदेशक आरपी सिंह को निलंबित किया गया है। जिस समय यह शोध संस्थान आजम खां के ट्रस्ट को दिया गया उस समय वह रामपुर में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात थे। एसआईटी का मानना है कि इस संस्थान का भवन सीएनडीएस बना रहा था। बिना हैंडओवर किए ही यह भवन लीज पर दे दिया गया।