धार्मिक नगरी वाराणसी के हवाला कारोबारी टूर एंड ट्रैवल्स की आड़ में गैरकानूनी तरीके से फॉरेक्स ट्रेडिंग कर रहे थे। ईडी ने पटना और वाराणसी में बीते दिनों छापे मारने के बाद जांच में यह खुलासा किया है। ईडी की पड़ताल में सामने आया है कि वाराणसी के हवाला कारोबारी शैलेंद्र कुमार सिंह अपनी कंपनी आरजे ट्रेडविंग्स प्राइवेट लिमिटेड और बीडी दुबे बिना भारतीय रिजर्व बैंक से किसी लाइसेंस के बिना विदेशी मुद्राओं के ओवर-द-काउंटर अवैध व्यापार में लिप्त थे।
दरअसल, जीआरपी वाराणसी से मिली सूचना के बाद ईडी ने पटना के होटल कारोबारी एपी सिन्हा और वराणसी के हवाला कारोबारियों और उनके सहयोगियों के आठ ठिकानों पर पिछले सप्ताह छापा मारा था। फेमा के तहत की गयी इस कार्रवाई में पटना के होटल कारोबारी के ठिकानों से बरामद दस्तावेजों से 50 करोड़ रुपये के गैरकानूनी लेन-देन का पता चला है।
साथ ही, लाखों रुपये की ब्लैकमनी को वाराणसी के हवाला कारोबारियों के जरिए विदेशी मुद्रा में बदलने का खुलासा भी हुआ। इसके बाद ईडी ने वाराणसी में दोनों हवाला कारोबारियों के कैंट और दौलतपुर के ठिकानों को भी खंगाला। जांच में सामने आया कि दोनों बीते कई सालों से लोगों की ब्लैकमनी को विदेशी मुद्रा में बदल रहे थे। इसमें वाराणसी का कैरियर गौतम मुखर्जी और पटना निवासी सतीश कुमार लाभ व बीनू कक्कनट्टु जोस शामिल थे।
विदेशी पर्यटकों का उठाया फायदा
छापों के दौरान ईडी ने जब दोनों हवाला कारोबारियों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि धार्मिक नगरी होने की वजह से वाराणसी में खासी तादाद में विदेशी पर्यटक आते हैं। जो छोटे-छोटे खर्चों के लिए अक्सर दुकानदारों, ऑटो एवं रिक्श चालकों को डॉलर या दूसरी विदेशी मुद्रा देते हैं। इस विदेशी मुद्रा को हम उनसे लेकर उनको हवाला के जरिए मिली ब्लैकमनी सौंप देते थे। ईडी की जांच में 9000 अमरीकी डाॅलर, 50 पाउंड, 200 दुर्लभ प्राचीन विदेशी सिक्के, बेहिसाब नकदी के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। साथ ही, 50 हजार यूएस डॉलर बदले जाने की पुष्टि भी हुई है।