राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मंगलवार को राजभवन में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2022 बैच के 14 परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि आज सरकार तथा आम आदमी की आपसे बहुत अपेक्षाएं हैं, आपका दायित्व है कि लोगों का काम तेजी से निस्तारित करें।
राज्यपाल ने प्रत्येक कार्य कानून के दायरे में करने तथा नियम का पालन करते हुए तेजी से निस्तारित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल जी ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को जनता के हितो को केन्द्र में रखकर कार्य करना चाहिए। फाइल पर बार-बार आपत्ति लगाने की प्रवृत्ति ठीक नहीं। अधिकारियों का यह दायित्व है कि फाइल को पूरी तरह से पढ़कर उसके हर पहलू को समझकर त्वरित निर्णय लेकर व्यक्ति को समाधान दें। ताकि सम्बन्धित व्यक्ति विभाग के अनावश्यक चक्कर न लगाये।
उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि आप अपनी जिम्मेदारी को समझें और सेवा भाव से काम करें। आप विभाग के दायरे से बाहर निकलकर अन्य विभागों से तालमेल बनाकर जनहित के काम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें,। इस बात का विशेष ख्याल रखें कि कोई भी फरियादी आपके पास से निराश होकर न जाये।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में हाल ही में आयोजित दो दिवसीय शिक्षा मंथन-2023 की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में दिये गये सुझावों का अनुसरण अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में अमल करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी से ज्यादा सर्वप्रथम आप सभी अच्छे इंसान बनकर जनता के बीच एक उदाहरण बनें। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल एसएम बोबडे, उत्तर प्रदेश प्रशासन व प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक एल वेंकटेश्वर लू आदि उपस्थित थे।