विधानभवन स्थित वीवीआईपी कैंटीन का मैनेजर बन जालसाज ने खाद्य सामग्री सप्लाई का ठेका दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से 7. 50 लाख रुपये ऐंठ लिए। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने पीड़ित को धमकाया। ठगी का शिकार हुए पीड़ित ने हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया है।
जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-1 में कारोबारी अजय प्रताप सिंह परिवार के साथ रहते हैं। उनके अनुसार वर्ष 2022 में एक परिचित ने उनकी मुलाकात अमित सक्सेना नाम के व्यक्ति से कराई थी। अमित ने खुद को विधानभवन स्थित वीवीआईपी कैंटीन के मैनेजर बताया था। अमित ने अजय को विधभवन स्थित कैंटीन के खाद्य सामग्री की आपूर्ति का ठेका दिलाने की बात कही। आरोपी ने ठेका दिलाने के नाम पर 5 लाख की मांग की। पीड़ित अजय के अनुसार कुछ दिन बाद वह कैंटीन पहुंचे तो आरोपी अमित सक्सेना बैठा मिला। आरोपी की चिकनी चुपड़ी बातों के फंसे अजय ने 5 लाख रुपये नकद दे दिए।
अजय के मुताबिक दो तीन बार खाद्य सामग्री की डिलेवरी की। पेमेंट के नाम पर आरोपी ने टालमटोल करने लगा। आरोप है कि आरोपी ने पेमेंट क्लियर कराने के नाम पर 2.50 लाख की डिमांड की। आश्वासन दिया कि पेमेंट के साथ साथ पूरी रकम वापस मिल जाएगी। भरोसा कर अजय ने अपने एसबीआई खाते से 2.50 लाख रुपये दे दिए। उसके बाद टालमटोल देख पीड़ित ने संपर्क किया तो आरोपी ने धमकाया। 7.50 लाख की ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने बृहस्पतिवार को अमित सक्सेना के खिलाफ हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया है।