नोएडा विकास प्राधिकरण के पूर्व ओएसडी रवींद्र सिंह यादव के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) के मेरठ सेक्टर ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज किया है। विजिलेंस ने उनकेखिलाफ ये दूसरा मुकदमा दर्ज किया है। पिछले वर्ष नवंबर माह में तमाम वित्तीय अनियमितताएं करने के आरोप में विजिलेंस ने रवींद्र सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसकी विवेचना में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने केपुख्ता प्रमाण मिलने पर विजिलेंस ने एक और केस दर्ज किया है।
दरअसल, शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने रवींद्र सिंह यादव के 24 वर्ष के कार्यकाल की जांच की थी। वर्तमान में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के ओएसडी के खिलाफ मुकदमे की विवेचना में विजिलेंस को प्रमाण मिले कि उन्होंने जांच अवधि में अपनी आय के समस्त स्रोतों से 94.49 लाख रुपये की आय अर्जित की। इस अवधि में इनके द्वारा चल-अचल सम्पत्तियों को अर्जित करने और भरण-पोषण पर 2.44 करोड़ रुपये व्यय किया गया। इस तरह उन्होंने अपनी आय से 1.49 करोड़ रुपये (158 फीसद) अधिक व्यय किया। इस बारे में पूछताछ करने पर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जिसके बाद विजिलेंस के मेरठ सेक्टर ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एफआईआर दर्ज कर ली।