भूकंप आया क्या..., दोपहर में ढाई बजे के करीब अचानक से चारों तरफ से यही सवाल एक दूसरे से पूछते नजर आए लोग। कोई टेबल हिलने की बात, तो कोई बोतल या गिलास में भरे पानी में हलचल देख भूकंप आने की बात स्वीकार करता सुनाई दिया। इतने में सोशल मीडिया के पेज पर ‘भूकंप’ आ गया। इसी बीच नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भी नेपाल में 5.4की तीव्रता का भूकंप आने की पुष्टि कर दी।
लखनऊ में जीएसआई के अधिकारियों का कहना है कि ग्राउंड फ्लोर पर रहने वालों को इसका अहसास कम या नहीं के बराबर रहा। जो लोग ऊपर की मंजिलों पर थे, उन्होंने झटके महसूस किए हैं। नेपाल में केन्द्र होने के कारण इससे निकली ऊर्जा के झटके थे ये। फिलहाल इसकी बारंबरता बने रहने के संकेत नहीं हैं। जब 7 से ऊपर होती है तीव्रता, तब ज्यादा संभावना होती है जल्दी-जल्दी झटके महसूस होने की।
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक दोपहर में 02 बजकर 28 मिनट 31 सेकंड पर लखनऊ से 294 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व और अयोध्या से 295 किमी. उत्तर में नेपाल में 5.8 की तीव्रता का भूकंप आया।
लखनऊ में शून्य होगा पैमाना!
साल 2022 के नवंबर में एक सप्ताह के भीतर तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूगर्भशास्त्री प्रो. ध्रुवसेन सिंह कहते हैं कि भूकंप के मुख्य कारण प्लेट टेक्टानिक क्रियाएं, वलन, भ्रंश आदि हैं। हिमालय प्लेट टेक्टानिक रूप से सक्रिय हैं, इसलिए हिमालय में भूकंप आते हैं। ऐसे में लखनऊ और गंगा के मैदान का वह क्षेत्र जो हिमालय से दूर है, वह भूकंप से सुरक्षित है।
प्रो. ध्रुवसेन सिंह ने कहा कि अभी भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर मापी जाती है, जिस जगह पर भूकंप आता है, उसके मैग्नीट्यूड को बताता है। अगर इसे हम न्यूमारकेली स्केल पर मापे तो लखनऊ में उसका पैमान शून्य होगा।