उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि प्रदेश में ई संजीवनी के जरिए 55 लाख मरीजों को उपचार मिला है। ऐसे में इस सेवा का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि ई-संजीवनी सेवा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि मरीजों को आसानी से विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह मिल सके।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-संजीवनी टेली कंसल्टेंसी सेवा के माध्यम से इलाज की सुविधा ज्यादा से ज्यादा लोगों को दी जा रही है। जरूरतमंद मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध कराई गई है। मौजूदा समय में प्रदेश में 16,665 सेंटर (हब एवं स्पोक) के रूप में पंजीकृत हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि स्पोक्स में सीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आते हैं, जो कि बड़े सेंटर से जुड़े होते हैं। बड़े सेंटर हब होते हैं।
स्पोक्स सेंटर में जिन मरीजों को सलाह दे पाना संभव नहीं होता है, उन्हें हब में बैठे डॉक्टर सलाह देते हैं। स्पोक्स यानी छोटे सेंटर पर मरीजों को दवाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। ई-संजीवनी की लोकप्रियता व भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
तीन करोड़ मरीजों की बनी आभा आईडी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान डिजिटल मिशन के तहत प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक लोगों की आभा आईडी बनाई गई है। 2 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकार्ड बनाए गए हैं। स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल्स के तहत 2 लाख टोकन जारी किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल का रूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे मरीजों को कम समय में इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इससे अधिक से अधिक मरीजों को कम समय में उपचार मिल सकेगा।