प्रदेश के सभी अस्पतालों में फीवर डेस्क सक्रिय रहेगी। बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। फिर उनकी जांच कराई जाएगी। यह निर्देश उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दी है। वह बुधवार को विभिन्न जिलों के सीएमओ व सीएमएस के साथ वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बुखार पीड़ितों को अलग से इलाज मुहैया कराया जाए। इसमें डॉक्टर की सलाह से लेकर दवा तक की सुविधा सुनिश्चित की जाए। क्योंकि इन दिनों कई जिलों में वायरल समेत अलग- अलग वजह से बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। इनकी निगरानी की जाए। यह भी सुनिश्चित की जाए कि बुखार के मरीजों का आसानी से पंजीकरण हो सके।
हेल्प डेस्क पर मरीज के शरीर के तापमान की जांच हो। लक्षणों के आधार पर मरीजों की पैथोलॉजी जांच कराई जाए। साथ ही दवा मुहैया कराई जाए। बुखार पीड़ितों को 7 से 15 दिन की दवाएं उपलब्ध कराई जाए। ताकि उन्हें बार.बार अस्पताल की दौड़ ना लगानी पड़े।
ये दिए निर्देश
बुखार पीड़ितों को जरूरत के अनुसार भर्ती किया जाए।
प्लेटलेट्स की जांच कराई जाए।
डेंगू या मलेरिया के लक्षण नजर आने पर जांच कराई जाए।
अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मरीजों को सभी दवाएं अस्पताल से मिले।
डेंगू मरीज मच्छरदानी में भर्ती किए जाएं
डेंगू,मलेरिया प्रभावित इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाए।
समय-समय फॉगिंग कराई जाए।
बुखार पीड़ितों की पहचान के लिए स्क्रीन अभियान में तेजी लाई जाए।