केजीएमयू में बीते एक माह में एच3एन 2 वॉयरस के 15 मामले सामने आए हैं। इसका खुलासा माइक्रोबॉयोलाजी लैब की जांच में हुआ है। राहत की बात यह है जो भी मरीज सामने आए हैं। उसमें किसी भी मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी। डेढ़ से हफ्ते के इलाज बाद मरीजों को राहत मिल गई।
केजीएमयू के माइक्त्रसेबायोलॉजी विभाग में इन्फ्लुएंजा एच 3 एन 2 की जांच की सुविधा है। प्रदेश भर से नमूने जांच के लिए आ रहे हैं। रोजाना 10 से 15 नमूने केजीएमयू में जांच के लिए आ रहे हैं। आरटी.पीसीआर तकनीक से नमूनों की जांच हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक करीब एक माह के दौरान 15 मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है। डॉक्टरों का कहना है इस वॉयरस की पुष्टि बाद भी किसी भी मरीज में गंभीर लक्षण नहीं मिले हैं।
पीजीआई में शुरू हुई जांच की सुविधा
पीजीआई के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की लैब में भी एच3एन 2 वॉयरस जांच की सुविधा शुरू हो गई है। राहत की बात यह है कि यहां पर अभी तक कोई भी पॉजिटिव केस नहीं आया है। पीजीआई में इस जांच के लिए मरीजों को शुल्क अदा करना पड़ रहा है। करीब 2400 रुपए की जांच संस्थान कर रहा है। इसमें कई वॉयरस के कई वैरिएंट की जांच हो रही है। माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की डॉ. उज्जवला घोषाल ने बताया किट की मांग की गई है। किट मुहैया होने बाद संस्थान में यह जांच मुफ्त में होगी।