मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन के अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट से राशि स्वीकृत कराने के लिए प्रस्ताव समय पर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए है। सीएम ने कहा कि यूपी रेवेन्यू प्लस राज्य है, यहां राजस्व की कोई समस्या नहीं है। बृहस्पतिवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर शासन के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश का आगामी बजट केंद्रीय बजट के प्रावधानों को ध्यान में रखकर बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रभावी प्रयास किया जाना जरूरी है। इसके दृष्टिगत समस्त कार्यवाही समयबद्ध ढंग से की जाए। प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर का निर्माण कराया जाए। यह प्रदेश को हेल्थ टूरिज्म के हब के रूप में स्थापित करने में उपयोगी होगा। स्टेट कैपिटल रीजन की अवधारणा को साकार करने के लिए लखनऊ को ग्रेटर लखनऊ के रूप में विकसित करने की योजना बनाएं।
उन्होंने कहा कि 2023-24 का प्रदेश का बजट, केंद्रीय बजट के प्रावधानों को ध्यान में रखकर बनाया जाए। दोनों बजट के माध्यम से अच्छा प्रदर्शन करने का प्रयास किया जाए। प्रदेश की जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं का बजट में ध्यान रखा जाए। प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन के तहत बिजनौर की बुक्सा जनजाति के विकास के लिए नियोजित प्रयास किए जाएं। प्रदेश में मंडल स्तर पर वहां की सामाजिक व भौगोलिक परिस्थिति के दृष्टिगत खेल की गतिविधियों के विकास के लिए खेल सेंटर बनाए जाएं।
ओडीओपी उत्पादों के खोलें आउटलेट
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई उत्तर प्रदेश की बड़ी ताकत और औद्योगिक विकास का आधार है। उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 के आयोजन स्थल के साथ स्टेट गेस्ट हाउस, हवाई अड्डों पर ओडीओपी उत्पादों के आउटलेट स्थापित करने के निर्देश दिए।