लखनऊ में पुलिस प्रशासन के विरोध में धरना प्रदर्शन करते अधिवक्ता
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हापुड़ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को लखनऊ में कचहरी के पास वकीलों के प्रदर्शन के दौरान लखीमपुर के दरोगा की पिटाई के मामले में 15 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ वजीरगंज थाने में शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से दरोगा से मारपीट करने वालों के बारे में पता लगा रही है।
हापुड़ में अधिवक्ताओं के साथ मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को वकीलों ने कचहरी और उसके आसपास के इलाके में जमकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान वकीलों ने पुलिस वालों और राहगीरों के साथ मारपीट की थी। इस दौरान लखीमपुर में तैनात दरोगा अवधेश सिंह बाइक से जा रहे थे। स्वास्थ्य भवन चौराहे के पास अधिवक्ता के हुजूम ने उन्हें घेर लिया था और बाइक से गिराकर उनके साथ मारपीट करते हुए उनकी वर्दी फाड़ दी थी। दरोगा अवधेश कुमार की की तहरीर पर शुक्रवार को वजीरगंज थाने में 15 अज्ञात वकीलों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। अब पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से दारोगा पर हमला करने वाले अधिवक्ताओं को चिन्हित कर रही है।
इंस्पेक्टर मदेयगंज से हुई मारपीट के मामले में कोई केस दर्ज नहीं
बुधवार को प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता ने इंस्पेक्टर मदेयगंज अभय कुमार के साथ मारपीट की गई, पर इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसके अलावा वकीलों ने कई लोगों के साथ अभद्रता भी की थी। एसीपी हजरतगंज अरिवंद कुमार को भी वकीलों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। इन किसी भी मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।