फोटोग्राफर अमित गौतम हत्याकांड का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से वह जेल भेजे गए। पुलिस की जांच में सामने आया कि 28 हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में अमित के दोस्तों ने ही वारदात को अंजाम दिया था। कॉल डिटेल व बीयर की केन के जरिये सुराग लगा था। उसी से केस का खुलासा करने में मदद मिली।
काकोरी के दोना गांव निवासी अमित गौतम बीते शुक्रवार को लापता हुए थे। दूसरे दिन देर शाम गांव बाहर एक प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में उनका खून से सना शव पड़ा मिला था। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपी दोना गांव निवासी बृजेंद्र कुमार उर्फ बिरजू शर्मा, मुसीबत खेड़ा के सतेंद्र कुमार व भपटामऊ पारा के नसीरुद्दीन को गिरफ्तार किया।
एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि इसी साल जनवरी में बृजेंद्र ने अमित से अपने दोस्त सुमित को 28 हजार रुपये ब्याज पर दिलवाए थे। इस बीच अप्रैल में सुमित की मौत हो गई थी। इसलिए अमित वो पैसे अब बृजेंद्र से मांग रहा था। बृजेंद्र पैसे देने से मना कर रहा था। जब दबाव अधिक बनाया तो उसने अपने दोस्तों की मदद से मार दिया। तीनों आरोपियों ने वारदात कबूल की है।
बुलाकर शराब पिलाई, फिर बांके से वार पर वार किए
बृजेंद्र ने अपने दोस्तों संग पहले ही अमित को मारने की साजिश रच ली थी। साजिश के तहत शुक्रवार को उसने अमित को फोन कहा कि पैसे लो आकर। साथ में पार्टी भी देंगे। अमित दोपहर को घर से निकलकर सीधे प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर पहुंचा था। यहां पर तीनों पहले से मौजूद थे। फिर बीयर लाई गई। जब सब नशे में हो गए तब बांके से अमित पर वार करना शुरू किया। पहला वार अमित के चेहरे पर लगा। जिसके बाद दो लोगों ने उसको पकड़ा और तीसरे ने सिर, गर्दन व पेट पर बांका मारा।
लूटी बाइक 1500 रुपये में कबाड़ में बेची
हत्या करने के बाद आरोपी अमित का मोबाइल व बाइक लूटकर फरार हो गए थे। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने एक कबाड़ी को अमित की बाइक 1500 रुपये में बेच दी थी। पुलिस ने बाइक बरामद कर ली है। पुलिस के मुताबिक आरोपी इतना नशे में हो गए थे कि वारदात को अंजाम देने के बाद बृजेंद्र एक जगह एक्सीडेंट में घायल भी हो गया था।
ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटनास्थल से मिली बीयर की केन पर लगे बारकोड को स्कैन कर पुलिस उस दुकान तक पहुंच गई थी जहां से बीयर खरीदी गई थी। वहां के सीसीटीवी फुटेज देखे जिसमें आरोपी सतेंद्र कैद हुआ था। ये बेहद अहम सुराग था। इधर पुलिस ने अमित के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली तो उसमें सुबह 11 बजे व दोपहर 1:30 बजे एक नंबर आई कॉल संदिग्ध मिली। इस नंबर पर लगातार सतेंद्र से बातचीत हुई थी। इसी से कड़ियां जुड़ती गईं। क्योंकि वो नंबर बृजेंद्र का था। पुलिस बृजेंद्र व सतेंद्र तक पहुंची। जिससे पूरी घटना खुली और फिर नसीरुद्दीन को दबोच लिया।