लखनऊ में भाउराव देवरस अस्पताल में हुए महिला से गैंगरेप के मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जांच एसीपी महानगर जया शांडिल्य करेंगी। बृहस्पतिवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने यह आदेश दिया। वहीं, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज करने के दूसरे दिन पुलिस ने वार्ड ब्वॉय एसपी अवस्थी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी डॉक्टर की तलाश की जा रही है।
विकासनगर निवासी महिला को 30 अप्रैल की दोपहर भाउराव देवरस अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था, जहां डॉ. आरपी सागर मौजूद थे। सीने में दर्द होने पर महिला को दूसरे कमरे में ले जाया गया था, जहां उसे वार्ड ब्वॉय ने डॉक्टर के कहने पर दो इंजेक्शन लगाए थे, लेकिन दर्द दूर नहीं हुआ था। तीसरा इंजेक्शन लगाए जाने पर महिला को नशा होने लगा तो वार्ड ब्वॉय ने गलत हरकत की। इसका महिला ने विरोध भी किया था। इस दौरान ही डॉक्टर भी कमरे में आ गए थे। आरोप है कि वार्ड ब्वॉय के साथ डॉक्टर ने भी गलत हरकत की थी। 31 मार्च की सुबह करीब 8.30 बजे वह होश में आ गई थी। उस समय वार्ड ब्वॉय एसपी अवस्थी कमरे में था। महिला के विरोध करने पर उसने धमकी दी थी।
डाक से कमिश्नर कार्यालय भेजा था शिकायती पत्र
पीड़ित महिला के मुताबिक, वारदात के बाद वह गहरे सदमे में थी। काफी दिनों तक तबीयत भी ठीक नहीं हुई। सितंबर में पीड़िता ने महानगर कोतवाली में डॉक्टर व वार्ड ब्वॉय के खिलाफ तहरीर दी थी। मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने पर एक अक्तूबर को डाक के जरिये कमिश्नर कार्यालय में पत्र भेजा था। नतीजा नहीं निकलने पर कोर्ट में अर्जी दी थी। डीसीपी उत्तरी सै. कासिम आब्दी के मुताबिक, डॉ. आरपी सागर वारदात के समय ईएमओ के पद पर तैनात था। वर्तमान में वह अयोध्या में तैनात है। आरोपों की जांच की जा रही है।