लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा है कि अफसर 104 किमी. लंबी आउटर रिंगरोड का काम जल्द पूरा करने के लिए हरसंभव उपाय करें। अदालत ने अपेक्षा जताई कि संबंधित विभागों के अफसर इसके लिए समुचित कदम उठाएंगे, जिससे निर्माण कार्य यथासंभव जल्द पूरा हो सके। कोर्ट ने कहा कि इसमें हम अपने विवेकाधीन क्षेत्राधिकार के तहत निर्देश नहीं दे सकते, क्योंकि यह कार्यपालिका के क्षेत्र में आता है। अदालत ने इसके साथ ही रिंगरोड बनाने में देरी के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका को भी निस्तारित कर दिया।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने यह फैसला स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया। याची ने 104 किमी. सड़क का निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा कराने के निर्देश दिए जाने की गुजारिश की थी, ताकि लोगों को आवागमन की समस्या से निजात मिल सके। याची ने कहा कि इस रोड का शिलान्यास 16 सितंबर 2016 को किया गया था और अफसरों ने इस परियोजना को मार्च 2018 तक पूरा करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद महज 20 फीसदी काम ही हो पाया है। याची ने वर्ष 2020 में भी इसी आग्रह के साथ एक जनहित याचिका दायर की थी। तब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से कहा गया था कि शुरू में यह परियोजना जेपी ग्रुप के हाथ में थी, जो इसे पूरा नहीं कर सका। जेपी ग्रुप को दिए गए टेंडर निरस्त कर अब यह काम प्राधिकरण ने विभिन्न ठेकेदारों को सौंपा है। यह भी कहा था कि निर्माण कार्य कई चरणों में किया जाना है। कोरोना महामारी की वजह से भी काम में देरी हुई। कोर्ट ने 2 नवंबर 2020 को रिंगरोड को तय समय में पूरा करने के लिए हरसंभव उपाय करने की अपेक्षा जाहिर करते हुए याचिका निस्तारित कर दी थी। इसके बावजूद दो साल से रिंगरोड का काम अधूरा पड़ा होने पर इसे जल्द पूरा कराने की गुजारिश के साथ याची ने दूसरी याचिका दायर की थी।
चार साल की देरी हो चुकी है प्रोजेक्ट में
आउटर रिंगरोड का निर्माण पांच सेक्शन में हो रहा है। इनमें से एक सेक्शन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को बनाना है, तो चार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को। पीडब्ल्यूडी का 11 किमी. लंबा सेक्शन अयोध्या रोड से सुल्तानपुर रोड के बीच 2021 में शुरू हो चुका है। एनएचएआई के भी चार में से एक 14 किमी. लंबा सेक्शन अयोध्या रोड से कुर्सी रोड के बीच वाहनों के लिए चालू है। बाकी तीन सेक्शन में काम अभी चालू है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक इन तीन सेक्शन में से दो में करीब 80 फीसदी काम हो चुका है। सीतापुर रोड से बेहटा के बीच काम अभी 40 फीसदी ही हो सका है। इसे मार्च 2022 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य पूर्व में तय किया गया था। पर कोविड की वजह से साल-2020-2021 को जीरो पीरियड मान लिया गया। अब प्रोजेक्ट में तेजी आई है। काम को पूरा करने के लिए नया लक्ष्य दिसंबर 2023 तय किया गया है।