लखनऊ। शिया समुदाय ने सातवें इमाम हजरत मूसा काजिम की शहादत की पूर्व संध्या पर मंगलवार को उन्हें याद किया। इमामबाड़ों और कर्बलाओं में मजलिस-ओ-मातम का आयोजन कर पुरसा दिया गया। अंजुमनों ने नौहाख्वानी कर इमाम की शहादत का गम मनाया। छोटा इमामबाड़ा में 'असीर-ए-बगदाद का मातम' शीर्षक से आयोजित मजलिस को मौलाना सैयद जाफर रिजवी ने खिताब किया। मजलिस के बाद कैदखाने बगदाद का मंजर पेश किया। बुधवार को हजरत इमाम मूसा काजिम और हजरत अबु तालिब के ताबूत की जियारत कराई जाएगी। ईराक से आए परचम की जियारत होगी। वहीं, चौक स्थित इमामबाड़ा आगा बाकर में आयोजित मजलिस को इमाम-ए-जुमा मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने खिताब किया। मजलिस के बाद इमाम के ताबूत की जियारत कराई गई।