लखनऊ। लाटूश रोड व ट्रांसपोर्ट नगर में टायर सप्लायर के यहां जीएसटी की टीम ने शुक्रवार को छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को व्यापारी ने करीब 5.70 लाख रुपये का जुर्माना भरा। वहीं जीएसटी के अधिकारियों की मानें तो अभी कारोबारी के अभिलेखों की जांच चल रही है। वहीं दूसरी ओर लाटूश रोड व्यापार मंडल के सदस्यों ने छापे के दौरान अध्यक्ष नवीन अरोड़ा के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। सभी उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। वहीं इस मामले में नवीन अरोड़ा का कहना है कोर्ट में केसों की तारीख लगी हुई थी। इसके चलते वे पहुंच नहीं सके। संगठन का जो भी फैसला होगा, उन्हें मंजूर होगा।
जीएसटी के 14 अफसरों की टीम ने लाटूश रोड स्थित टायर डिस्ट्रीब्यूटर की दुकान और ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोदाम में छापा मारा था। दुकानदार के पक्ष में लखनऊ व्यापार मंडल के नेताओं ने पहुंचकर खूब हंगामा और कार्रवाई का विरोध किया था। उस समय जीएसटी के अफसर कारोबारी को 24 घंटे की मोहलत देकर लौट आए थे।
व्यापारियों का आरोप, जीएसटी अधिकारी ने दी गाली
व्यापारियों का आरोप है कि छापा डालने आए डिप्टी कमिश्नर विजय पाल सिंह ने अपशब्दों का प्रयोग किया। व्यापारी अस्पताल गया हुआ था। ऐसे में दुकान पर बेटा बैठा हुआ था, उसे जानकारी नहीं थी ऐसेे में अधिकारी ने अपशब्द कहे। उनका आरोप है कि जीएसटी अधिकारी को शिकायत मिलने पर साक्ष्य एकत्रित करने चाहिए। उसके बाद छापा डालना चाहिए।
व्यापारी ने खुद गलती स्वीकारी
ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी जीएसटी अरुण शंकर राय के मुताबिक व्यापारी द्वारा अपने अभिलेखों में स्वयं गलती स्वीकार की गई है। उसने अबतक के सर्वे के अनुसार पांच लाख 70 हजार रुपये की टैक्स चोरी कबूली है। इसे सरकारी चालान के माध्यम से राजकीय कोष में जमा कराया गया है। यह सर्वे अभी जारी रहेगा। यदि आगे भी व्यापारी टैक्स चोरी की बात सामने आएगी तो शेष टैक्स चोरी की राशि जमा करने का नोटिस दिया जाएगा।