मोहम्मद इरफान
लखनऊ। ठाकुरगंज के कर्बला अब्बास में शिया वक्फ बोर्ड की बेशकीमती जमीन बेची जा रही है। कीमत तीन हजार रुपये वर्गफीट। ऐसा करने वाले वक्फ माफिया को न तो वक्फ बोर्ड और न ही पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का डर है। ग्राहक बनकर मौके पर पहुंचे संवाददाता ने जमीन खरीदने को लेकर बातचीत की। पेश है रिपोर्ट-
कर्बला अब्बास बाग का वक्फनामा अवध के बादशाह मोहम्मद अली शाह के मंत्री रफीकुददौला सैयद इमाम अली खां ने 22 जनवरी 1845 में तैयार किया था। इसमें कर्बला की 2,07148 जिरह (वर्गफीट में दोगुनी) और 28,147 जिरह जमीन दो हिस्सों में दर्ज है। यह 4,70590 वर्गफीट बनती है। कर्बला अब्बास बाग और इसके वक्फनामे के मुताबिक कुल जमीन शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के दफा 37 रजिस्टर में वक्फ नंबर 2596 पर दर्ज है। हालांकि, वक्फ बोर्ड की लापरवाही के चलते कर्बला की जमीन के बड़े हिस्से पर अस्पताल, मैरिज हॉल, मार्केट और कई शोरूम खुल चुके हैं।
कर्बला के पीछे के हिस्से में चार से पांच बीघा जमीन पर वक्फ माफिया का कब्जा है। इसने गेट बनवाकर इसे सोसाइटी का रूप दे दिया है। गेट में प्रवेश करते ही दायीं ओर बने कार्यालय पर अवैध रूप से प्लॉटिंग के धंधे को अंजाम दिया जा रहा है। यहां दो बंदूकधारी गार्ड मिले। इनके टोकने पर कार्यालय से निकले व्यक्ति ने बताया कि आगे की जमीन का रेट चार हजार रुपये वर्गफीट है, हालांकि वहां जमीन बची नहीं है। पीछे की जमीन का रेट तीन हजार रुपये वर्गफीट है। बोला, आपके हिसाब से प्लॉट काट देंगे। यह भी कहा कि जब जमीन लेनी हो तब फाइनल बात कीजिएगा, रेट कुछ कम हो जाएंगे।
नहीं खरीदी-बेची जा सकती वक्फ की जमीन
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने कहा, वक्फ एक्ट के मुताबिक वक्फ की जमीन न तो खरीदी और न ही बेची जा सकती है। कर्बला अब्बास बाग की लाखों वर्गफीट जमीन अवैध तरीके से बेची जा चुकी है। बची जमीन की भी बिक्री चल रही है। पूरी जमीन की पैमाइश के बाद कार्रवाई करना संभव होगा। कर्बला की जमीन की पैमाइश और अवैध कब्जों की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। उम्मीद है कि जांच के बाद जिला प्रशासन कर्बला की जमीन से कब्जे हटवाकर जमीन शिया वक्फ बोर्ड के हवाले करवाने में मदद करेगा। अन्य वक्फ संपत्तियों से भी कब्जे हटवाने में प्रशासन कार्यवाही करेगा।