शासन ने उप्र मत्स्यपालन कल्याण कोष के क्रियान्वयन संबंधी आदेश जारी कर दिया है। अपर मुख्य सचिव मत्स्य डॉ. रजनीश दुबे ने कहा है कि दैवीय आपदा की स्थिति में अब मछुआरों को इस कोष से सहायता दी जाएगी। दैवीय आपदा से मत्स्यपालक की मौत होने पर परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार ने गैस रिसाव, बोरवेल में गिरने, कुआं, नदी, तालाब, पोखर, नहर, नाला, गड्ढा, जलप्रपात में डूबकर मौत होने के अलावा सांड व नीलगाय के आघात को भी दैवीय आपदा माना है। इसके अलावा मत्स्यपालकों के लिए चिकित्सीय सहायता व आवास निर्माण सहायता देने का भी आदेश जारी किया गया है। इसके मुताबिक, घायल होने पर सहायता का मानक अलग तय किया गया है।
पैर अथवा आंख खोने यानी 40 से 60 प्रतिशत दिव्यांगता पर 74 हजार रुपये, 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर ढाई लाख रुपये, घायल होने पर अगर एक सप्ताह से अधिक समय तक अस्पताल में रहना पड़ा तो 16 हजार रुपये और एक सप्ताह से कम रहने पर 5,400 रुपये की सहायता मिलेगी।