छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजधानी के हाइजिया एजुकेशनल ग्रुप के एक और बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। ईडी ने मंगलवार को हरदोई रोड स्थित हाइजिया ग्रुप के कॉलेज, लखनऊ कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड एजुकेशन (एलसीएमई) पर छापा मारा तो वेबसाइट पर दिए गए पते पर कॉलेज की इमारत ही नदारद मिली।
ईडी ने जब नजदीक मौजूद हाइजिया के फार्मेसी कॉलेज को खंगाला तो वहां एलसीएमई के फर्जी छात्रों की 2800 से ज्यादा डिग्री, मार्कशीट और 800 से अधिक डिप्लोमा कोर्सेस के सर्टिफिकेट बरामद हुए। हाइजिया की इस करतूत को देख ईडी के अफसर भी हैरान रह गए। आशंका जताई जा रही है कि हाइजिया ने इसी तरह कई अन्य फर्जी कॉलेज खोले हैं, जिनको केवल वेबसाइट पर दर्शाकर और छात्रों का फर्जी दाखिला दिखाकर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति को हड़पा जा रहा है।
मंगलवार को हाइजिया ग्रुप पर तीसरी बार छापा मारने पहुंची ईडी की टीमों ने आज दोपहर तक फॉर्मेसी कॉलेज का चप्पा-चप्पा छानकर सुबूत जुटाए हैं। जांच में सामने आया कि कॉलेज में मिली तमाम डिग्री, मार्कशीट और सर्टिफिकेट कूड़े की तरह पड़े हुए थे। इनको कभी कोई छात्र लेने तक नहीं आया था। 200 से ज्यादा बोरों में उत्तर पुस्तिकाएं भरी मिलीं।
दरअसल ईडी हाइजिया के अकाउंटेंट और कर्मचारी को साथ लेकर एलसीएमई के पते पर पहुंची तो वहां पर वेबसाइट पर दर्शाई गई कॉलेज की इमारत का नामोंनिशान तक नहीं मिला। जब अधिकारियों ने इस बाबत दोनों कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि इसका पूरा लेखा-जोखा फार्मेसी कॉलेज में मिल सकता है। इसके बाद ईडी ने फार्मेसी कॉलेज का रुख किया, जहां ये बरामदगी की गई। अब ईडी के अधिकारी हाइजिया के बाकी फर्जी कॉलेजों का पता लगाने में जुटे हैं। आशंका जताई जा रही है कि ऐसे कॉलेजों की संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है।
रवि प्रकाश गुप्ता के घर को भी खंगाला
दरअसल, ईडी ने हाइजिया के कर्मचारी रवि प्रकाश गुप्ता से रिमांड के दौरान सख्ती से पूछताछ की तो उसने एलसीएमई में हो रहे फर्जीवाड़े का राज खोल दिया। वहीं, जब बाकी आरोपियों इजहार हुसैन जाफरी और अली अब्बास जाफरी से उसका आमना-सामना कराकर पूछताछ की गई तो दोनों ने बताया कि रवि प्रकाश गुप्ता ही एलसीएमई का सारा काम देखता था।
फर्जी छात्रों का दाखिला दिखाकर उनके नाम पर छात्रवृत्ति हड़पने में रवि प्रकाश की भूमिका थी। इसके बाद ईडी ने मंगलवार को रवि प्रकाश के जानकीपुरम स्थित आवास को भी खंगाला, जहां से कई संपत्तियों के दस्तावेज, फिनो बैंक से जुड़े कागज, निवेश से संबंधित जानकारियां हाथ लगी हैं।