लखनऊ। खचाखच भरा था दूरदर्शन का स्टूडियो। बड़ी संख्या में शहर के जाने-माने लोग मौजूद थे। मौका था दूरदर्शन के 48वें स्थापना दिवस की खुशी में आयोजित विशेष कार्यक्रम शब्द सौष्ठव का। आमंत्रित अतिथियों ने दूरदर्शन से जुड़ी मीठी स्मृतियों को साझा किया। देश के सात जाने-माने कवि-कवयित्रियों ने काव्य पाठ किया।
गीतकार विष्णु सक्सेना ने बताया कि दूरदर्शन लखनऊ में उनका प्रवेश दिल्ली दूरदर्शन में आयोजित कवि सम्मेलन के बाद हुआ। तब से आना-जाना कभी बंद नहीं हुआ। सोम ठाकुर बोले 1980 में मैने कवि सम्मेलन में संचालक की भूमिका निभाई थी, आज कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहा हूं। संचालन करते हुए हास्य कवि सर्वेश अस्थाना ने कहा कि 1975 में वे 10 साल के थे। शहरभर में लगे नीले पोस्टर्स में लिखा था कि दूरदर्शन लखनऊ का आज उद्घाटन हो रहा है। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार समेत दूरदर्शन लखनऊ के निदेशक अभियांत्रिकी केके गुप्त, सहायक निदेशक कार्यक्रम आत्म प्रकाश मिश्र, सहायक निदेशक समाचार राजीव चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे। प्रस्तुतकर्ता श्याम नारायण चौधरी व ज्योति भाटिया भी रहे। तकनीकी निर्देशन कौशलेंद्र सिंह चौहान का रहा।