मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को कानून के तहत अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विवेचना में अधिक से अधिक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाएंगे तो अपराधियों को कड़ी और अधिक सजा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने का निर्देश दिए, ताकि संबंधित अपराधियों को सजा दिलाने में देरी ने हो। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को देखते हुए ही सरकार ने प्रदेश के हर परिक्षेत्र में एक-एक विधि विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना का फैसला लिया है।
इसलिए जहां पर भी प्रयोगशाला की स्थापना काम शुरू हो चुका है, उसे तेजी से पूरा कराया जाए। मुख्यमंत्री शुक्रवार को इन प्रयोगशालाओं की स्थापना को लेकर हो रहे कार्यों के प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
प्रमुख सचिव गृह संजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में आठ विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, मुरादाबाद, झंासी व प्रयागराज में संचालित हैं। जबकि इस वित्तीय वर्ष में 4 और प्रयोगशालाओं का निर्माण पूरा किया गया है। इनमें अलीगढ़, कन्नौज, गोंडा व बरेली शामिल हैं।
जल्द इन्हें चालू भी कर दिया जाएगा। इसके लिए जरूरी स्टाफ आदि की तैनाती कर दी गई। अन्य व्यवस्थाएं शीघ्र उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके अलावा आजमगढ़, अयोध्या, बांदा, बस्ती, मिर्जापुर और सहारनपुर में भी इनकी स्थापना का निर्णय लिया गया है। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है।