ऋषिकेश की ओर देहरादून से 12 कि.मी. दूर यह एक प्रसिद्ध मंदिर है। मंदिर के पास स्थित सुसवा नदी इसकी खूबसूरती और अधिक बढ़ा देती है। प्रत्येक रविवार को जब लक्ष्मण मेले का आयोजन किया जाता है, उस अवसर पर काफी संख्या में लोग यहां आते हैं। स्थानीय दंतकथा के अनुसार राम के भाई लक्ष्मण ने एक ब्राह्मण की हत्या के पाप से खुद को मुक्त करने के लिए यहां पर तपस्या की थी।