लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। यहां नेट और जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) पास अभ्यर्थियों को ही एंट्रेंस में वेटेज दिया जाएगा। यूजीसी नेट में पीएचडी के लिए क्वालीफाई हो चुके अभ्यर्थियों को अलग से कोई वेटेज या लाभ नहीं मिलेगा। वह सामान्य विद्यार्थियों की तरह प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पहली बार नेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का परिणाम तीन श्रेणियों में जारी किया है। परीक्षा परिणाम में जो नई श्रेणी शामिल की गई है, वह क्वालीफाई फॉर पीएचडी है। ऐसे में इस श्रेणी में परिणाम हासिल करने वाले छात्रों को भी कुछ उम्मीद थी लेकिन लविवि के प्रवेश विभाग ने इस संबंध में स्थिति साफ कर दी है।
आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी। हालांकि यूजीसी की ओर से पीएचडी में दाखिले के लिए अर्हता नेट तय की गई है। कई विवि ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। बीएचयू ने इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। यहां जून 2024 में नेट की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी ही पीएचडी में प्रवेश पाएंगे। अभ्यर्थियों के नेट के 70 अंक जोड़े जाएंगे, जबकि 30 अंकों का इंटरव्यू होगा। विवि अलग से कोई प्रवेश परीक्षा नहीं कराएगा।
यहां जेआरएफ को प्रवेश परीक्षा से छूट
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि और डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में जेआरएफ अभ्यर्थियों को पीएचडी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने से छूट मिलती है। इन्हें सीधे इंटरव्यू में शामिल होने का मौका मिलता है। जबकि नेट पास अभ्यर्थियों को अंकों का वेटेज दिया जाता है।
इसी व्यवस्था से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेंगे
लखनऊ विश्वविद्यालय पीएचडी में प्रवेश के लिए अपनी प्रवेश परीक्षा करवाता है। हम इसी व्यवस्था से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेंगे। नेट और जेआरएफ को पूर्व की तरह परीक्षा में वेटेज दिया जाएगा।
प्रो. पंकज माथुर, डीन एकेडमिक्स लविवि