लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के कला एवं शिल्प महाविद्यालय के दिन बहुरने वाले हैं। यहां की खस्ताहाल इमारत के जीर्णोद्धार के लिए राज्य सरकार ने पांच करोड़ रुपये से अधिक के बजट को मंजूरी दी है। पहले चरण में ढाई करोड़ से ज्यादा की रकम जारी कर दी गई है। इससे भवनों के रख-रखाव और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। कला एवं शिल्प महाविद्यालय की स्थापना 1892 में हुई थी और 1974 से यह लविवि का हिस्सा है। महाविद्यालय लंबे समय से सरकार से इसके पुनरुद्धार की मांग कर रहा था। प्राचार्य डॉ. रतन कुमार ने बताया कि प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा महेंद्र प्रसाद अग्रवाल के सहयोग से यह मंजूरी संभव हुई है। बजट से महाविद्यालय में आधुनिक कक्षाओं का निर्माण और मौजूदा ढांचे में सुधार कराया जाएगा।