राजधानी के आरटीओ (संभागीय परिवहन अधिकारी) से अधिकृत 14,646 वाहनों को ही अब पंप से एलपीजी की आपूर्ति होगी।
यानी अवैध एलपीजी किट वाहन अब एलपीजी नहीं पा सकेंगे। वहीं पंप पर एलपीजी की आपूर्ति से पहले आरटीओ की सूची से वाहन का मिलान होगा।
यह जानकारी देते हुए आरटीओ एपी सिंह ने बताया कि यह सहमति उपायुक्त गंगाफल, एलपीजी पंप संचालकों एवं हिंदुस्तान आयल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की बैठक में बनी, जिसको तत्काल प्रभाव से प्रभावी कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब पंप संचालकों के द्वारा वाहन में एलपीजी की आपूर्ति करने के दौरान ड्राइवर एवं मालिक को रसीद मुहैया कराई जाएगी।
इस रसीद में वाहन नंबर, एलपीजी का मात्रा तारीख, कीमत आदि का ब्योरा अंकित होगा, जिसका ब्योरा रजिस्टर पर दर्ज किया जाएगा।
वहीं वाहन मालिक एवं ड्राइवर को एलपीजी अधिकृत वाहन की आरसी को दिखाना पड़ेगा। वहीं पंप पर एलपीजी किट की चेकिंग भी की जाएगी।
ऐसे वाहनों की सूची पंप संचालकों एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को मुहैया करा दी गई है। उन्होंने बताया कि हर महीने एलपीजी वाहनों की सूची संशोधित होगी।