लखनऊ। कृष्णानगर इलाके में सिक्योरिटी गार्ड सत्यभामा (24) की हत्या के मामले में आरोपी उसके प्रेमी मुमताज को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। आरोपी का दावा है कि सत्यभामा उससे 20 हजार रुपये मांग रही थी। जब रकम देने से मना किया तो उसने रेप केस में जेल भिजवाने की धमकी दी। इस पर गुस्से में पहले उसे पीटा, फिर फर्श पर पटका और गला भी दबाया। सत्यभामा की मौत होने के बाद वह कमरे में ताला बंदकर भाग गया था।
उन्नाव के सफीपुर की रहने वाली सत्यभामा आलमबाग के एक शॉपिंग मॉल में सिक्योरिटी गार्ड थीं। वह अपनी बहन के घर में रहती थीं। 13 नवंबर की सुबह वह सफीपुर के घर से लखनऊ के लिए निकलीं मगर बहन के घर नहीं पहुंचीं। 18 नवंबर को कृष्णानगर के दामोदरनगर में किराए पर रहने वाले सफीपुर के ही मुमताज के कमरे में सत्यभामा का शव मिला था। मुमताज गायब था। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।
एडीसीपी साउथ शशांक सिंह ने बताया कि आरोपी को उन्नाव में रिश्तेदार के घर से दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि सत्यभामा आए दिन उससे रकम की मांग करती रहती थीं। इस बार वह 20 हजार रुपये मांग रही थीं। मुमताज के मुताबिक जब उसने पैसे न होने की बात कही तो सत्यभामा ने रेप का केस दर्ज कराने की धमकी दी थी। इसी के चलते उसकी हत्या कर दी। वारदात अंजाम देकर वह बाइक से भाग निकला था। उन्नाव में कुछ रिश्तेदारों के यहां गया, वहीं से पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पूछताछ में आरोपी मुमताज ने बताया कि वह तीन साल से सत्यभामा के संपर्क में था। कुछ वक्त पहले उसकी शादी हुई थी। इससे सत्यभामा बेहद खफा थीं। तब से वह पैसों की अधिक मांग करने लगी थीं। ये भी धमकी देती थीं कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह उसकी पत्नी को सब बता देंगी, जिससे उसका शादीशुदा जीवन बिखर जाएगा। इसलिए मुमताज उन्हें पैसे देता रहा। इस बार वह भड़क गया तो जान से मार दिया।
घटना के बाद मुमताज ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। पुलिस टीमें उसकी तलाश में लगी थीं। उन्नाव पुलिस की मदद से गांव में भी उसकी तलाश जारी थी। एडीसीपी साउथ ने बताया कि आरोपी ने कुछ देर के लिए अपना मोबाइल ऑन किया। जिससे उसकी लोकेशन मिल गई और उसे दबोच लिया गया। आरोपी के पास से मृतका का मोबाइल भी बरामद हुआ है।