रायबरेली। भारी बरसात के कारण हुए जलभराव से ट्रेनों का संचालन प्रभावित चल रहा है, जिसका असर रेलवे की आमदनी पर भी पड़ा है। पिछले पांच दिन से कई ट्रेनें निरस्त हो रही हैं। यही वजह है कि रोजाना रेलवे को 50 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। ट्रेन निरस्त होते ही टिकट कैंसिल कराने वाले लोग रिजर्वेशन काउंटर पर पहुंच रहे हैं। कुछ यात्री तो बसों के जरिए लखनऊ पहुंचकर दूसरी ट्रेनों से सफर करने को मजबूर हैं।
अंबाला मंडल के सरहिंद-नंगलडैम, चंडीगढ़-सानेहवाल एवं सहारनपुर-अंबाला रेल खंड के अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार-मोतीचूर रेल खंड पर बारिश व जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित है। शुक्रवार को अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल, देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल, चंडीगढ़ से प्रयागराज जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस नहीं आई। पंजाब मेल व जनता मेल रायबरेली-बछरावां से होकर गुजरती है तो ऊंचाहार एक्सप्रेस का संचालन जिले के लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार स्टेशन से होता है। पिछले पांच दिनों से रोजाना चलने वाली पंजाब मेल, ऊंचाहार एक्सप्रेस, हफ्ते में दो दिन चलने वाली अर्चना एक्सप्रेस प्रभावित है तो दो दिन जनता मेल भी नहीं चली।
शहर के रेलवे स्टेशन के अलावा बछरावां, ऊंचाहार, लालगंज, डलमऊ से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। हर रोज लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। हर रोज 15 से 20 आरक्षित टिकट कैंसिल हो रहे हैं। निरस्त ट्रेनों से सफर करने वाले यात्री जनरल टिकट भी नहीं खरीद रहे हैं। सीएमआई डीडी शुक्ला की माने तो ट्रेनों के रद्द होने से रिजर्वेशन कैंसिलेशन और टिकटों की बिक्री न होने से रोजाना लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।