रायबरेली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को दीवानी कचहरी परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसका शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला जज तरुण सक्सेना ने किया। इसमें फौजदारी व सिविल समेत विभिन्न तरह के 1.50 लाख से अधिक मामले निस्तारित हुए।
जिला जज ने कहा कि आपसी विवाद के लंबित मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने व जनता को सुलभ व सुगम न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। प्राधिकरण के सचिव व एडीजे उमाशंकर कहार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.50 लाख से अधिक मामले निस्तारित किए गए। विभिन्न बैंकों व फाइनेंस कंपनियों के प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही समझौता कराकर कई मामले निपटाए गए।
लोक अदालत में अन्य मामलों के साथ बड़ी संख्या में ई-चालान, चेक बाउंस, उत्तराधिकार, मोटर एक्सीडेंट क्लेम व वैवाहिक विवाद आदि से जुड़े मामले निस्तारित किए गए। वहीं तलाक के मुहाने पर खड़े कई दंपतियों में समझौता कराकर साथ रहने को राजी किया गया। इस दौरान जिला कारागार के बंदियों द्वारा बनाए सामान की प्रदर्शनी लगाकर बिक्री भी की गई।
इस मौके पर कुटुम्ब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश डॉ. अनुपमा गोपाल निगम, एमएसीटी के चेयरमैन महेंद्र नाथ, एडीजे सतीश कुमार त्रिपाठी, त्रिपुरारी मिश्रा, कुटुम्ब न्यायालय के अपर प्रधान न्यायाधीश चंद्रमणि मिश्रा, लोकअदालत के नोडल अधिकारी व एडीजे विद्याभूषण पांडेय व सीजेएम पवन कुमार सिंह समेत अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।