लखनऊ। राजधानी के चर्चित होटल कारोबारी मुकेश मनवानी हत्याकांड में एडीजे विवेकानंद शरण त्रिपाठी की कोर्ट ने तीन आरोपियों बलबीर सिंह दुआ उर्फ शिंकु, जसबीर सिंह दुआ उर्फ रिंकू और नरेंद्र सिंह उर्फ मोंटी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इन सभी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने हत्याकांड के चौथे दोषी सुमित उर्फ पारूल को एक साल की कैद व 16 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सुमित के प्रति नरम रुख पर कोर्ट ने कहा कि वह बलबीर सिंह की दुकान किराये पर लेकर मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। लिहाजा उसे अपने मकान मलिक के प्रभाव में माना जा सकता है। इसी प्रभाव के चलते उसने हत्या में प्रयुक्त असलहा बलबीर सिंह के देने पर ले लिया। सुमित को बलबीर को बचाने व हथियार छिपाने की कोशिश में पकड़ा गया था।
कोर्ट ने अपने आदेश में मृतक मुकेश मनवानी को किसी भी प्रकार का प्रतिकर दिलाने से इनकार कर दिया। इस बाबत कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक प्रत्येक कोर्ट को पीड़ित को प्रतिकर दिलाना चाहिए, लेकिन इस मामले में पाया गया है कि मृतक मुकेश मनवानी भी नगर निगम की दुकानों पर अवैध कब्जा कर गैरकानूनी तरीके से होटल और लॉज चला रहे थे। इसी कारण हुए गैंगवार में उनकी जान चली गई। लिहाजा उन्हें कोई प्रतिकर (मुआवजा) दिया जाना उचित नहीं है।
बताते दें कि गत 28 मार्च को कोर्ट ने मामले में आरोपी रहे मंजित सिंह दुआ उर्फ रिक्की, राजेंद्र सिंह दुआ और इंद्रजीत सिंह ऊर्फ शेरू सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था, जबकि चार आरोपियों को दोषी ठहराया था। पत्रावली के अनुसार मामले की रिपोर्ट वादी विक्रम मनवानी ने नाका थाने में 25 अगस्त 2017 को दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि भाई मुकेश मनवानी नाका क्षेत्र में शुभम् लॉज के नाम से होटल का चलाते थे। बगल में बलबीर सिंह दुआ रॉयल पंजाब के नाम से होटल है। कहा गया कि मुकेश और बलबीर में व्यापारिक प्रतिस्पर्धा चलती थी। आगे बताया गया कि मुकेश अपने होटल की एक दीवार बनवा रहा था और बलबीर उस दीवार को बनने से रोक रहा था। इस दीवार को लेकर घटना के दो दिन पहले बलबीर और मुकेश के बीच विवाद भी हुआ था तो आरोपियों ने मुकेश को जानमाल की धमकी दी थी।
घटना वाले दिन मुकेश अपने होटल के बाहर खड़ा था तभी मंजित सिंह दुआ, बलबीर सिंह दुआ, जसवीर सिंह दुआ, राजेंद्र सिंह दुआ, इंद्रजीत उर्फ शेरू और सुमित तिवारी लाठी डंडे और हथियार लेकर पहुंच गए। इसके बाद आरोपियों ने मुकेश को पकड़ लिया और बलबीर सिंह दुआ ने लाइसेंसी रिवाल्वर से मुकेश को गोली मार दी। इससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद मंजित सिंह दुआ, राजेंद्र सिंह दुआ, इंद्रजीत सिंह उर्फ शेरु, बलबीर सिंह दुआ, जसबीर सिंह दुआ, नरेंद्र सिंह और सुमित तिवारी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।