लखनऊ। डेढ़ साल की दुधमुंही बच्ची को खिलाने के बहाने ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी व दूर के रिश्तेदार जगदीश को दोषी ठहराकर पाॅक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश आशुतोष कुमार सिंह ने उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने जुर्माने की सारी रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाते हुए माना कि इतने संवेदनशील मामले में भी विवेचना में लापरवाही की गई। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर की रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर खून के धब्बे व खरोंच के निशान पाए गए थे। खून बह रहा था मगर विवेचक ने 72 घंटे बाद सैंपल को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। इसके चलते रिपोर्ट में आरोपों से संबंधित तथ्य नहीं मिले। कोर्ट ने विवेचक की लापरवाही के लिए पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है। इसमें कहा कि वह विवेचक के उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कर कोर्ट को अवगत कराएं। इससे पहले कोर्ट में सरकारी वकील पंकज श्रीवास्तव, अनुपमा श्रीवास्तव एवं विनय तिवारी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट पीड़ित बच्ची की मां ने पीजीआई थाने में 29 अप्रैल 2018 को दर्ज कराई थी। आरोपी जगदीश को मौके पर ही पकड़कर पीटने के बाद पुलिस के हवाले किया गया था।