लखनऊ। युवती की हत्या के बाद लाश जलाने वाले रामसनेही उर्फ राजू और शेखर विश्वकर्मा को एडीजे दिनेश कुमार मिश्रा ने उम्रकैद और 4500-4500 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इससे पहले कोर्ट ने 17 मई को मामले में दोनों को दोषी ठहराया था।
सरकारी वकील ललित दीक्षित और महेंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि वादी सुंदर लाल ने 14 फरवरी 2010 को मड़ियांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने गांव के शिव मंगल का एक खेत बटाई पर लिया था। इसमें बाजरा का डंठल पड़ा था। वादी जब अपने खेत पर गया तो पाया कि बाजरा का डंठल हटा हुआ था और एक मानव कंकाल जला पड़ा था। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जब विवेचना की तो पता चला कि रामसनेही व शेखर ने ज्योति की गला दबाने के बाद हत्या कर उसका शव जला दिया। साथ ही मृतका का मोबाइल और पायल चोरी कर ली थी। (संवाद)