कोर्ट ने 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। कोर्ट ने करीब छह वर्ष पूर्व हरचंदपुर थाना क्षेत्र में हुए हत्या के एक मामले में दोषसिद्ध होने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक के अपर सत्र न्यायाधीश अमित कुमार यादव ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) दिनेश बहादुर सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट कोतवाली नगर क्षेत्र के बरईपुर निवासिनी मनीषा तिवारी ने थाना हरचंदपुर में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 8 जनवरी 2017 की रात करीब नौ बजे शहर के गुरुनानक नगर निवासी प्रमोद कुमार चौरसिया वादिनी के घर आया और उसके पति विश्वास तिवारी को अपने साथ बुलाकर ले गया। पति रात में वापस नहीं आए। दूसरे दिन सुबह वादिनी के पति विश्वास तिवारी का शव हरचंदपुर थाना क्षेत्र के डिडौली स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन के पास सड़क के किनारे मिला।
पुलिस ने विवेचना के बाद प्रमोद कुमार चौरसिया के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर मुकदमा वादिनी को 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश दिया।