लखनऊ। मकान बेचने के एवज में लिया करोड़ों का बयाना लौटाने से बचने के लिए रिट्ज रेस्टोरेंट के मालिक ब्रह्मशंकर खन्ना उर्फ बॉबी की हत्या करने के चार आरोपियों को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। गिरोह बंद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद गजाली ने आरोपी डॉ. नैमिष त्रिवेदी, शूटर सुभाष यादव, सैफ व अदनान पर 45- 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों पर बॉबी की हत्या करने, आयुध अधिनियम और साजिश रचने के आरोपों के अलावा उत्तर प्रदेश गिरोह बंद अधिनियम का भी आरोप लगाया था। कोर्ट ने आरोपियों को गिरोह बंद अधिनियम में भी सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील लक्ष्मण प्रसाद दीक्षित और ललित किशोर दीक्षित ने अदालत में बताया कि मामले को लेकर शिवानी खन्ना ने महानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह एक जनवरी 2016 को पिता ब्रह्मशंकर खन्ना को कार में लेकर रिट्ज रेस्टोरेंट से महानगर स्थित घर लौट रही थी। घर पहुंचने पर शिवानी के हॉर्न बजाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो ब्रह्मशंकर गेट खोलने के लिए गाड़ी से उतरे। उसी वक्त मोटरसाइकिल सवार दो लोग आए और ब्रह्मशंकर पर रिवॉल्वर से फायर कर दिया। घायल अवस्था में उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जया गया, जहां इलाज के दौरान तीन जनवरी को उनकी मौत हो गई।
विवेचना में पुलिस को पता चला कि डॉ. नैमिष त्रिवेदी ने अपना मकान बेचने के लिए ब्रह्मशंकर खन्ना से 7.5 करोड़ रुपये में सौदा किया था। एक करोड़ 33 लाख रुपये बयाना लेकर इसका अनुबंध किया गया। हालांकि, डॉ. नैमिष ने इस मकान को पहले ही बैंक में बंधक रखकर चार करोड़ सत्तर लाख रुपये का लोन लिया था। इसके चलते ब्रह्मशंकर के कहने के बावजूद वह रजिस्ट्री करने में टालमटोल कर रहा था। इसके बाद डॉ. नैमिष ने बयाने की रकम हड़पने के लिए शूटर सुभाष यादव और सैफ को ब्रह्मशंकर की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दे दी थी।
मामले को लेकर सोमवार को डॉ. नैमिष त्रिवेदी समेत सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने इन्हें ब्रह्मशंकर खन्ना के मालिक की हत्या का दोषी ठहराया और सजा सुनाने के लिए मंगलवार की तारीख तय की थी। आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। इनकी ओर से अदालत से नरम रुख अख्तियार करने के अलावा कम से कम सजा देने की मांग की गई। उधर, अभियोजन की ओर से कहा गया कि सभी आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र करके मृतक का पैसा वापस करने के बजाय उसकी नृशंस हत्या की है। इसके लिए उन्हें कठोर दंड और जुर्माना लगाया जाए। कोर्ट ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। यह भी कहा कि जुर्माने की पूरी रकम वादिनी को प्रतिकर के रूप में दी जाए। हत्याकांड में इस्तेमाल अदनान की लाइसेंसी रिवॉल्वर को उत्तर प्रदेश सरकार के पक्ष में जब्त करने का भी आदेश दिया है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों से बरामद रकम भी उत्तर प्रदेश सरकार के पक्ष में जब्त करने का फरमान सुनाया है ।