लखनऊ। पुराने हैदराबाद स्थित लोक आंगन परिसर में बुधवार को अखिल भारतीय साहित्य परिषद की दक्षिण इकाई ने समग्र चिंतन प्रवाह विषय पर संगोष्ठी की। वक्ताओं ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक चिंतन और ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले से सीख लेने का संदेश दिया। डॉ. कुमुद पांडेय ने कहा कि इनकी वजह से स्त्री की भूमिका परिवार संचालन से आगे पहुंची है। ज्योति किरण रतन ने कहा कि संघ साहित्य प्रेरणा का विषय है। छात्रा मुस्कान सिंह ने संघ साहित्य की अवधारणा, उसकी स्थापना और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अवसर पर परिषद इकाई की अध्यक्ष प्रो. डॉ. नीतू शर्मा, अंजलि मिश्रा, स्नेहा सिंह, दीपशिखा राय, कुसुम लता, मीशा रतन ईशा रतन, राजवीर रतन आदि मौजूद रहे।