लखनऊ। राजधानी के 88 गांवों के लिए अपर्याप्त भूगर्भ जल के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एलडीए व अन्य संबंधित विभागों से आवासीय योजनाओं में वर्षा जल संचयन की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि पक्षकार हलफनामों पर कारवाई में हुई प्रगति का ब्योरा पेश करें। अगली सुनवाई चार मई को होगी। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश उत्कर्ष लोकसेवा संस्थान की वर्ष 2016 में दाखिल जनहित याचिका पर दिया। कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जल आयोग समेत अन्य पक्षकारों ने जवाबी हलफनामे दाखिल किए। अदालत ने कहा था कि इनकी प्रतियां एलडीए के अधिवक्ता को दी जाएं। इन पर गौर करके प्राधिकारियों की जिम्मेदारी रेखांकित करते हुए एलडीए पक्ष पेश करे। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि समस्या के समाधान के लिए बैठक में प्रस्ताव तैयार किया गया है। सरकारी वकील ने इसके लिए अन्य विभागों की भूमिका होने की बात कही थी। इस पर कोर्ट ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग समेत राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिवों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। इन अफसरों से जवाब भी मांगा है।