भगवान स्वरूप के नौवें कविता संग्रह का लोकार्पण
लखनऊ। जन संस्कृति मंच की ओर से उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में भगवान स्वरूप कटियार के नौवें कविता संग्रह ‘शब्द स्तब्ध हैं’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वंदना मिश्र ने की। कवि-आलोचक कौशल किशोर ने कहा कि कटियार की कविताओं में करुणा और क्रोध का भाव है, जो समय व विचार की सृजनात्मक यात्रा है। उन्होंने फूलन देवी को प्रतिरोध की नायिका बताया, जिन्हें यह संग्रह समर्पित है। कविताओं में पुलवामा, गाजा और मणिपुर जैसी त्रासदियों का जिक्र भी है, जो व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं। वंदना मिश्र ने कहा कि यह संग्रह आज के दौर की सच्चाई को बयां करता है, जब शब्द संकट में हैं। उन्होंने मणिपुर घटना पर कविताओं को मर्मस्पर्शी बताया। भगवान स्वरूप कटियार ने अपने संग्रह से चुनिंदा कविताओं का पाठ भी किया। प्रो. अनिल त्रिपाठी, डॉ. अवंतिका सिंह, रंगकर्मी राकेश वेदा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।