लखनऊ। यह तकनीक का समय चल रहा है। इसमें बदलाव होता रहता है। यह बदलाव संस्थान और छात्र दोनों स्तर पर होना चाहिए। समय और उद्योग की मांग के अनुसार उसी के हिसाब से खुद को तैयार करना होगा। संस्थान को भी बदलाव संग स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा रहा है। यूपी के कॉलेज दक्षिण भारतीय तकनीकी संस्थानों से अच्छी प्रतिस्पर्धा कर पाएं, इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। यह बातें प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने रविवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) सभागार में मेधावियों को लैपटॉप वितरण करने के बाद कहीं।
बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने यूपी एसईई 2019-20 बैच के शीर्ष 200 रैंकिंग पाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ किताबों को पढ़कर काम करने का जमाना नहीं है। काम करके खुद को साबित करने के साथ बहुआयामी बनना होगा। जो यह नहीं कर पाएगा, पिछड़ जाएगा। हमें समय और उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार होना होगा। बहुआयामी कौशल विकास के साथ क्लास रूम की पढ़ाई से ज्यादा प्रैक्टिकल कराने की जरूरत है। युवाओं को फील्ड के काम से परिचित कराएं। कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने कहा कि प्राविधिक शिक्षा में प्रशासकीय सुधार के साथ अब शैक्षिक सुधार पर तेजी से काम हो रहा है। दक्षिण भारतीय संस्थानों से प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। प्राविधिक शिक्षा संस्थान अब नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। लैपटॉप पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रो. मनीष गौड़, प्रो. वंदना सहगल, प्रो. एमके दत्ता, कुलसचिव सचिन सिंह, वित्त अधिकारी जीपी सिंह, उप कुलसचिव डॉ. आरके सिंह, डॉ. अनुज शर्मा आदि मौजूद रहे।