ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में बालरैक फाउंडेशन व नाज फाउंडेशन इंटरनेशनल के साथ
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सोमवार को बालरैक फाउंडेशन और नाज फाउंडेशन इंटरनेशनल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। कुलपति प्रो. अजय तनेजा के अनुसार, समझौते का उद्देश्य लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर और क्वीर (एलजीबीटीक्यूआईए+) समुदाय के प्रति जेंडर सेंसिटाइजेशन (लिंग संवेदीकरण) बढ़ाना और उनके अधिकारों व सशक्तीकरण के लिए विश्वविद्यालय को सहयोग का केंद्र बनाना है। एमओयू के तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार, व्याख्यान, ट्रांसजेंडर समुदाय व सेक्स वर्कर्स के लिए लीगल एड सेल तथा शोध व प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।