लखनऊ। यूपी-हरियाणा के बॉर्डर पर यमुना नगर जिले के जंगलों में निगोहां के 11 मजदूरों के फंसे होने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने उनकी मदद की। सोशल मीडिया पर भी मजदूरों की दशा का विडियो वायरल हो गया था। स्थानीय और लखनऊ प्रशासन ने मदद कर इन श्रमिकों को निगोहां भेजा। यहां निगोहा पुलिस ने उन्हें घर तक पहुंचाया और घर में क्वारंटीन रहने की सलाह दी। निगोहां के रहने वाले सुरेंद्र, मुकद्दर, मजनू, रमाकांत, राहुल, दुर्गेश, शिवा, हरिशंकर, पिंटू, विनय आदि ने बताया कि वे लोग पंजाब की कुराली में दूध की कंपनी में काम करते थे। वहां जब कोई मदद नहीं तो वे पैदल ही चल दिए थे। दो सौ किलोमीटर चलकर यूपी बॉर्डर पर पहुंचे तो पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की, उल्टे उनका सामान भी छीन लिया। इसके बाद वे यमुना नगर के जंगल में शरण लिए थे।