रायबरेली। कोटे की दुकानों पर राशन की घटतौली को पूरी तरह से रोकने के लिए जिले को 1144 इलेक्ट्राॅनिक वेइंग मशीनें मिल गई हैं। ये मशीनें अंगूठा लगाने वाली ई-पॉस मशीन से जुड़ी होने के कारण कोटेदार राशन की घटतौली नहीं कर पाएंगे। सभी तहसीलों को मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। एसडीएम की देखरेख में महराजगंज तहसील में मशीनों को इंस्टाल करने का काम शुरू हो गया है।
वर्तमान समय में कोटेदार ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद सामान्य तराजू से राशन तौलकर कार्डधारकों को दे रहे हैं। ऐसे में कोटेदार मनमाने तरीके राशन की तौल कर घटतौली कर रहे हैं। मनमानी को रोकने के लिए अब ई-पॉस मशीन से जुड़ी इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीनें सभी 1144 कोटे की दुकानों पर लगाई जाएंगी।
ऐसा होने के बाद अंगूठा लगाने के बाद जितनी यूनिटों पर बॉयोमीट्रिक सत्यापन होगा, कोटेदार को उतनी यूनिट का राशन तौलकर कार्डधारक को देना होगा। कम राशन की तौल करने पर ऑनलाइन रिपोर्ट में राशन की घटतौली की पुष्टि हो जाएगी।
जिले को वेइंग मशीनें मिलने के बाद तहसीलदार, एसडीएम को मशीनें उपलब्ध करा दी गई है। आपूर्ति निरीक्षकों अविनाश पांडेय, अमित कुमार की मौजूदगी में मशीनों को इंस्टाल कराया जा रहा है। इसके बाद बांट-माप विभाग मशीनों की ई- स्टैंपिंग करेंगे। कोटेदारों को प्रशिक्षण देने के बाद ई-पॉश से जुड़ी इलेक्ट्राॅनिंग वेइंग मशीनें जल्द ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
इलेक्ट्राॅनिक वेइंग मशीनों इंस्टाल कराने का काम शुरू करा दिया गया है। कोटेदारों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी शुरू कराई जा रही है। जल्द ही नई मशीनों से गरीबों में राशन का वितरण शुरू होगा। इससे घटतौली रुक जाएगी।
- विमल कुमार शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी