छतर मंजिल के निर्माण में लखोरी ईंटों की उपयोगिता जानी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय ने भारतीय विरासत संरक्षण के तहत यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम की शुरुआत की। इसके अंतर्गत शनिवार को स्कूली बच्चों को लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराया गया। जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक एवं बालिका विद्यालय के कक्षा 9 और 11 के करीब 65 छात्र-छात्राओं ने छतर मंजिल और जरनैल कोठी (कैसरबाग) का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को 180 वर्ष पुरानी छतर मंजिल के इतिहास, वास्तुशैली तथा निर्माण में इस्तेमाल लखोरी ईंटों और चूना-गारे की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई, जिसे बच्चों ने कॉपी में नोट भी किया। निदेशक रेनू द्विवेदी ने बताया कि छतर मंजिल भारतीय, मुस्लिम और यूरोपीय स्थापत्य शैलियों का अनूठा संगम है। कार्यक्रम से पहले आयोजित संवाद सत्र में विद्यार्थियों को विरासत संरक्षण और उसमें युवाओं की भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में इतिहास संस्थान, दिल्ली की सुयशा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
छतर मंजिल के निर्माण में लखोरी ईंटों की उपयोगिता जानी