रायबरेली। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग को घुटने के ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है। घुटने के लिगामेंट की ऑर्थोस्कोपी विधि से पहली सफल सर्जरी की गई। सर्जरी के तीसरे दिन ही मरीज चलने लगा। सीएमएस ने सोमवार को मरीज को चैंबर में बुलाकर चिकित्सीय सलाह दी।
चोट लगने के बाद डॉयल-112 में तैनात सिपाही दिनेश यादव (45) के दाहिने घुटने की लिगामेंट तीन माह पहले टूट गई। इसके बाद वह चलने में लाचार था। वह खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नासिर ने मरीज को ऑर्थो सर्जरी कराने की सलाह दी। डॉ. नासिर की टीम ने बीती 12 मार्च को मरीज के घुटने के लिगामेंट की सफल सर्जरी कर उसे 15 मार्च को डिस्चार्ज कर दिया। सोमवार को चिकित्सीय परामर्श के लिए सीएमएस ने मरीज को बुलाकर उसका हाल जाना।
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नासिर ने बताया कि घुटने में लिगामेंट एक लचीले टिश्यू बैंड होते हैं, जो एक से दूसरी हड्डी को जोड़ते हैं। कोहनी, घुटने जैसे हर किसी जोड़ को ताकत और स्थिरता इन्हीं से मिलती है। लिगामेंट टूटने से मरीज अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो सकता है। सर्जरी ही इसका एकमात्र सहारा है।
हड्डी रोग विभाग की टीम ने घुटने के लिगामेंट की अब तक की पहली सर्जरी की है। इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है और चल रहा है।
- डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल