रायबरेली। हरचंदपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात धान की बेड़न की रखवाली करने गए किसान की सोते समय बेरहमी से हत्या कर दी गई। लाठी-डंडे और सरिया से एक के बाद ताबड़तोड़ वार किए गए। इससे सिर, हाथ-पैर समेत किसान के शरीर पर सात से ज्यादा चोट के निशान पाए गए। पड़ोसियों ने ही जमीन और यूकेलिप्टस के पेड़ के विवाद में वारदात को अंजाम दिया। सूचना पर पुलिस अफसरों ने फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर सबूत जुटाए। मृतक किसान के छोटे भाई की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया है।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के टेरी मनियां टीकर गांव निवासी योगेंद्र सिंह (50) पुत्र स्व. शिव प्रसाद सिंह खेतों में धान के बेड़न की रखवाली करने गया था। रात में योगेंद्र खेत पर ही सो गया। देर रात हमलावरों ने लाठी-डंडे व सरिया से हमला बोलकर योगेंद्र को मार डाला। सुबह छह बजे महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी रामबरन सिंह खेत पहुंचे तो देखा कि उनका भांजा योगेंद्र मृत अवस्था में चारपाई पर पड़ा है। वारदात की सूचना पर थानेदार संजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी, एएसपी नवीन कुमार सिंह, सीओ महराजगंज अरुण कुमार नौहवार ने घटनास्थल पर पहुंचकर पड़ताल की। एसपी ने गांव के चौकीदार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मृतक किसान के छोटे भाई रविंद्र सिंह का आरोप है कि काफी समय से खेतों के यूकेलिप्टस पेड़ों को लेकर पड़ोसियों से विवाद चल रहा था। पड़ोसियों ने योगेंद्र को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्हीं ने भाई की हत्या की है। किसान के कत्ल से परिजनों में कोहराम मचा है। थानेदार संजय कुमार ने बताया कि छोटे भाई की तहरीर पर मृतक किसान के पड़ोसी शत्रोहन सिंह, सुरेश बहादुर सिंह, छोटेभान सिंह, धीरेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
मृतक किसान और उसके पड़ोसियों के बीच काफी समय से जमीन और यूकेलिप्टस के पेड़ों का विवाद चल रहा था। ग्रामीणों की मानें तो मृतक किसान और उसके पड़़ोसियों के बीच का यह मामला कई बार थाने तक पहुंचा, लेकिन दोनों पक्षों में कोई हल नहीं निकला। ऐसे में यह रार बढ़ती रही और मंगलवार की रात किसान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो पुलिस सख्ती बरतती तो शायद किसान की जान बच जाती। थानेदार कहते हैं कि दोनों पक्षों के बीच मामला थाने तक पहुंचा था। बात नहीं बनने पर दोनों पक्षों पर शांतिभंग के तहत कार्रवाई की गई थी।