हरी मखमली घास पर सपनों का आशियाना, हरे भरे पेड़ों के तले सजा मंच और मंच पर परी से बातें करते और खिलखिलाते बच्चे।
रंग-बिरंगी रोशनियों के बीच अपने हाथों से सजाए गए मंच पर ‘परी और रहस्यमय फूल’ कहानी के रोमांच को उतारा।
डालीबाग स्थित प्रियदर्शनी म्यूजिक डांस इंस्टीट्यूट में बृहस्पतिवार शाम करीब पौन घंटे के नाटक में बच्चों की अदाकारी खूब फबी।
श्राप की वजह से डायन बनी परी की इस रोमांचक कहानी का निर्देशन युवा निर्देशक अभिषेक सिंह ने किया।
नाटक की कहानी एक ऐसी खूबसूरत परी की है जो श्राप के चलते डायन बनी है। जंगल में पिकनिक मनाने गए बच्चे उससे अनजाने में मिलते हैं।
डरे सहमे बच्चे डायन के साथ चलने वाले टिंबक टू पूछताछ करते हैं तो पता चलता है कि रानी के दिए गए श्राप से ही परी राक्षसी बन गई है। श्राप को जंगल में खिलने वाला फूल ही खत्म कर सकता है।
बस बच्चे जंगल में फूल खोजते हैं और श्राप खत्म करते हैं, लेकिन ठहाके तब गूंज उठते हैं जब पता चलता है कि ये सारी कहानी सपनों में ही घटी।
परी के किरदार में नव्या, डायन विराट, टिम्बक टू उन्नति-खुशी समेत कई बच्चे मंच पर उतरे।
समारोह में अतुल माने ने गाए ‘सारी रात बेशर्मी की हाईट.. और बदतमीज दिल...’ गीतों पर बच्चों ने धमाल मचाया।