स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर राष्ट्रीय स्तर की नीतियां बनाने में केजीएमयू भी नीति आयोग से सहयोग करेगा। ब्रिटेन की स्वयंसेवी संस्था क्रोकेन से जुड़ने के बाद केजीएमयू में मंगलवार को पहली कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें देशभर के 12 संस्थानों के 160 विशेषज्ञ शामिल हुए।
केजीएमयू कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने बताया कि क्रोकेन की पहचान ऐसे स्वयंसेवी समूह की है जो चिकित्सा के क्षेत्र में न सिर्फ शोध करता है बल्कि उच्च स्तरीय इलाज के लिए दिशा और गाइडलाइन तय करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत दुनिया भर के प्रमुख संस्थान इसके लिए क्रोकेन से संपर्क करते हैं। संस्था का प्रमुख काम शोध के साथ ही प्रशिक्षण देना भी है। पिछले साल केजीएमयू संस्था से जुड़ा है। इसके तहत अब काम भी शुरू हो गए हैं। कार्यशाला में शोध को उन्नत बनाने तथा डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी नीतियों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में डीन प्रो. एके त्रिपाठी, प्रो. एपी टिक्कू, डॉ. डी हिमांशु, प्रो. बालेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।